शिवपुरी शहर के एमएम हॉस्पिटल को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मान्यता रद्द कर दी है। अब इस अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं हो सकेगा। यह कदम उस वायरल वीडियो के आधार पर उठाया गया, जिसमें एक घायल मरीज को अस्पताल से बाहर निकालने का मामला सामने आया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। वहीं कोतवाली पुलिस ने एमएम हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर एलपी सिंह और अन्य स्टाफ पर मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला -
मंगलवार, 11 मार्च की शाम अशोक खटीक (48, निवासी सईसपुरा) सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। परिजन उन्हें उपचार के लिए एमएम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तत्काल 40,000 एडवांस की मांग की। परिजनों के अनुसार, इतनी राशि उपलब्ध न होने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने इलाज रोक दिया और घायल को अस्पताल से बाहर निकाल दिया। कुछ ही देर में मरीज की मौत हो गई।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए CMHO डॉ. संजय ऋषीश्वर ने तत्काल जांच के आदेश दिए।
जांच में क्या सामने आया -
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय ऋषीश्वर द्वारा गठित जांच समिति ने वीडियो और गवाहों के बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल का पंजीयन (क्रमांक NH/3103/अक्टूबर 2024) रद्द कर दिया गया।
CMHO डॉ. संजय ऋषीश्वर ने कहा कि "एमएम हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण एक व्यक्ति की जान गई। इस मामले की विस्तृत जांच जारी रहेगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
डॉक्टर द्वारा मारपीट का वीडियो भी हुआ वायरल, FIR दर्ज -
इस पूरे मामले में एक और वायरल वीडियो सामने आया, जिसमें एमएम हॉस्पिटल के डॉक्टर एलपी सिंह मरीज के अटेंडरों को लाठियों से पीटते हुए दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि मरीज के परिजन जब डॉक्टर से इलाज के लिए अनुरोध कर रहे थे, तभी डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल से बाहर निकालने के लिए मारपीट शुरू कर दी।
इस घटना को लेकर कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर एलपी सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। फरियादी अर्जुन खटीक की शिकायत पर डॉक्टर के अलावा अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। FIR में गाली-गलौज, मारपीट, धमकी देने, जबरन अस्पताल से बाहर निकालने जैसी गंभीर धाराओं को शामिल किया गया है।
अस्पताल का संचालन अब नहीं हो सकेगा -
बता दें कि मध्य प्रदेश रोग उपचार अधिनियम के तहत, किसी भी अस्पताल को संचालन के लिए CMHO से अनुमति प्राप्त करनी होती है। एमएम हॉस्पिटल की मान्यता रद्द होने के बाद अब यह अस्पताल मरीजों का इलाज नहीं कर पाएगा।