शिवपुरी जिले में मासूम बच्चियों के साथ बढ़ रही छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर उत्तरप्रदेश के साधु आकाश महाराज ने मंगलवार को अपने खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस अनोखे और भावनात्मक विरोध के जरिए उन्होंने बढ़ते अपराधों पर रोक लगाने और आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की।
आकाश महाराज ने कहा कि शिवपुरी जिले में बीते एक महीने के भीतर कई भयावह घटनाएं सामने आई हैं। 10 फरवरी को 7 साल की बच्ची से छेड़छाड़, 23 फरवरी को दिनारा में 5 साल की मासूम से दुष्कर्म, 7 मार्च को 6 साल के बच्चे के अपहरण का प्रयास और 9 मार्च को गौ माता के साथ अमानवीय कृत्य। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से साफ है कि अपराधियों के मन में कानून का कोई डर नहीं बचा है।
उन्होंने कहा, "आज हर पिता अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर डरा हुआ है, जबकि यह डर अपराधियों के मन में होना चाहिए। ऐसे दरिंदों को सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न करे।"
साधु आकाश महाराज ने अपने खून से पत्र लिखकर यह संदेश दिया कि अब केवल बातें नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और ऐसे अपराधियों के खिलाफ जल्द से जल्द कठोरतम दंड सुनिश्चित किया जाए।
उनका कहना था कि संविधान के कानून इंसानों के लिए बने हैं, हैवानों के लिए नहीं। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान चलाने की भी बात कही, ताकि समाज में बच्चियों और महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों पर रोक लगाई जा सके।