शिवपुरी में जिला शिक्षा विभाग की विभागीय खेल प्रतियोगिताओं के क्रम में पहले ही दिन अपात्र अतिथि शिक्षकों को बदरवास की टीम में खिलाए जाने और आयोजन कमेटी द्वारा विरोधी टीम के विरोध की अनदेखी के चलते मीडिया में सुर्खियों में आये इस मैच को विभाग के आला अधिकारियों के दखल के बाद अमान्य कर दिया गया था और बुधवार को सुबह पात्रता नियमों के साथ बदरवास व कोलारस के बीच 5-5 ओवर का मैच आयोजित किया गया।
बदरवास के कप्तान इरफान ने टॉस जीता और बल्लेबाजी चुनी। उनका यह फैसला सटीक साबित हुआ और निर्धारित 5 ओवर में बदरवास की टीम ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 68 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी कोलारस की टीम ने भी हथियार नहीं डाले और इस विशाल स्कोर को हासिल करने के लिए शानदार खेल का प्रदर्शन किया। कोलारस की टीम ने मुकाबले को रोमांचक स्तर तक पहुंचाया। आखिरी ओवर में कोलारस को 16 रन की जरूरत थी, लेकिन टीम 12 रन ही बना सकी और तीन रन के नजदीकी अंतर से बदरवास की टीम ने मैच जीत लिया। बदरवास की ओर से कप्तान इरफान जबकि कोलारस की तरफ से इन्दर धाकड़ ने ऑलराउण्ड प्रदर्शन किया।
विवादों के चलते सुर्खियों में आए इस मैच को लेकर जिला क्रीड़ा अधिकारी चंद्रशेखर बेमटे एवं विभागीय अधिकारी खासे सतर्क रहे और नियमों का पालन कराया गया। वहीं पूर्व में लापरवाही बरतने वाले कमेटी के सदस्य भी किरकिरी के बाद आज सजग दिखे। बुधवार को ही पिछोर व बदरवास के बीच खेले गए मुकाबले में पिछोर की टीम ने बदरवास को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
वहीं फायनल मुकाबले में विपिन पचौरी की कप्तानी में शिवपुरी की टीम ने पिछोर को शिकस्त दी और खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में शिवपुरी ने पहले बैटिंग करते हुए 10 ओवर में 90 रन का लक्ष्य दिया जिसमें सौरभ चंदेल, कपिल दुबे ने शानदार बल्लेबाजी की। शिवपुरी का सिर्फ एक ही विकेट गिरा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पिछोर की टीम 10 ओवर में महज 62 रन ही बना पाई। पिछोर की तरफ से सचिन पाठक ने शानदार बल्लेबाजी की। फाइनल की विजेता रही शिवपुरी टीम के कप्तान विपिन पचौरी के अलावा टीम में गजेन्द्र रावत, सौरभ चंदेल, यादवेन्द्र चौधरी, कपिल दुबे, अमित कौशल, कन्हैया आदिवासी, गिरीश शर्मा, संतोष त्यागी, विजय गुप्ता व संजीव पाण्डेय शामिल थे। मैच में एम्पायरिंग वरिष्ठ क्रिकेट खिलाड़ी छोटे खान कमल बाथम शेरा ने की। जिला स्तर पर आयोजित इन मुकाबलों के बाद अब प्रदर्शन के आधार पर संभाग के लिए जिले की टीम का गठन किया जाएगा।